Anupama | 13th Sept written update | Anupama's dream remains unfulfilled, the builder will leave with the money.
Anupama | 13th Sept written update | Anupama's dream remains unfulfilled, the builder will leave with the money.
तो दोस्तों स्टार प्लस पर आने वाली ड्रामा से भरपूर टीवी सीरियल अनुपमा । के आज के एपिसोड में काफी ट्विस्ट एंड अपडेट आने वाले हैं तो एपिसोड की शुरुआत में आपको देखने मिलेगा वहां कोठारी निवास में कान्हा जी और अनुज के बर्थडे का केक खाने के बाद सभी लोग गाना बजाकर डांस करने लगते हैं। तभी हसमुख अनुपमा से कहते हैं कि अगली साल की जन्माष्टमी तेरे घर पर मनाएंगे। यह सुनकर अनुपमा बहुत खुश हो जाती है।
इसके बाद सभी लोग खुशी-खुशी डांस कर रहे होते हैं। तभी परितोष के फोन पर एक मैसेज आता है। मैसेज देखते ही परितोष के होश उड़ जाते हैं। वह तुरंत वह मैसेज सभी को दिखाता है। जैसे ही सभी लोग न्यूज का वीडियो देखते हैं, वे हैरान रह जाते हैं।
उस वीडियो में खबर आ रही होती है कि एक बिल्डर ग्राहकों से पैसे लेकर फरार हो गया है। यह वही बिल्डर होता है, जिसके पास से अनुपमा ने अपने मकान के लिए प्लॉट खरीदा था। वह बिल्डर सभी ग्राहकों के डाउन पेमेंट के पैसे लेकर भाग गया होता है।
यह खबर सुनकर सभी लोग हैरान रह जाते हैं। अनुपमा रोने लगती है और कहती है कि ये लोग ऐसा कैसे कर सकते हैं? इसके बाद वह तुरंत घर के अंदर जाती है और प्लॉट के सारे डॉक्यूमेंट लेकर आती है। वह सभी को डॉक्यूमेंट दिखाते हुए कहती है कि मेरे पास ये सभी प्रूफ हैं, सिर्फ एग्रीमेंट लेटर नहीं है। वह लोग एग्रीमेंट लेटर भी देने ही वाले थे।
इतना कहकर अनुपमा रोने लगती है। वह प्रेम से कहती है कि तुम गौतम को फोन करके पूछो। वह उस बिल्डर का दोस्त था, शायद उसे पता हो कि वह बिल्डर कहां रहता है।
तभी सभी लोग अनुपमा को समझाने लगते हैं। राही कहती है, "मम्मी, आप सुबह तक का इंतजार कर लीजिए।" इस पर अनुपमा कहती है, "गरीबों के घर में कभी सुबह होती ही नहीं है। हर वक्त अंधेरा ही रहता है।"
फिर सुबह होते ही राही और प्रेम कोठारी निवास पहुंचते हैं। वहां घर के सभी लोगों के सामने वे गौतम से उस बिल्डर के बारे में पूछते हैं।
गौतम कहता है कि वह सिर्फ मेरा दोस्त था। इसके अलावा मेरा उसके साथ कोई रिश्ता नहीं है और मुझे नहीं पता कि वह इस वक्त कहां है। तभी वसुंधरा कहती है कि तुम दोनों उस बिल्डर का इल्जाम गौतम जी पर क्यों डाल रहे हो? इसमें इनकी कोई गलती नहीं है। गलती तो सिर्फ अनुपमा जी की है। उन्हें प्लॉट लेने से पहले उसके बारे में सारी जानकारी लेनी चाहिए थी। लेकिन वह अकेली ही बिना सोचे-समझे प्लॉट खरीदने चली गईं। वसुंधरा आगे कहती है कि ऐसे सभी कामों में मर्दों को आगे रहना चाहिए। इसके बाद राजा और अनिल भी गौतम से उस बिल्डर के बारे में पूछते हैं, लेकिन गौतम उन्हें भी कुछ नहीं बताता है। आखिरकार सभी लोग वहां से चले जाते हैं।
बाद में गौतम वसुंधरा से कहता है, "मैंने उस बिल्डर के बारे में पता किया था, मोटी बा। वह एक बड़ा अजगर है। उसने अगर किसी चीज को एक बार निगल लिया, तो वह दोबारा कभी नहीं मिलती। अनुपमा जी के ये पैसे तो अब कभी वापस नहीं मिलने वाले।" गौतम की बात सुनकर वसुंधरा कहती है, "अच्छा हुआ, मिलने भी नहीं चाहिए। तभी उनकी अक्ल ठिकाने आएगी।"
वहीं दूसरी तरफ अनुपमा कान्हा जी के सामने बैठकर फूट-फूटकर रो रही होती है। वह कान्हा जी से कहती है, "मैंने आपको चालिया क्या कह दिया, जो आप मुझसे इतना नाराज हो गए? आप तो मेरी परीक्षा ही ले रहे हैं। अब आप ही मेरी मदद करो। मेरे पास आओ और आप नहीं आ सकते तो मेरे अनुज को भेज दो। वह जरूर मेरी मदद करेंगे।"
इतना कहकर अनुपमा कान्हा जी के सामने रोने लगती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)