क्या सच में E-20 पेट्रोल डालने से इंजन खराब होता है जानिए पूरी जानकारी
कंज्यूमर कोर्ट बोला- मारुति सुजुकी नई कार दे या 20 लाख लौटाए:देश का पहला मामला
देशभर में पेट्रोल में E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच रायपुर में E20 पेट्रोल से कार के इंजन के खराब होने का मामला सामने आया है। इससे जुडे मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि नई कार दी जाए या 20 लाख लौटाए जाएं।
कोर्ट ने माना कि गाड़ी का इंजन ई-20 फ्यूल के हिसाब से नही था, फिर भी कार कस्टमर को बेची गई। कोर्ट ने कहा कि 45 दिनो के अंदर ग्राहक को उसी मॉडल की नई कार दी जाए, जो ई-20 फ्यूल के अनुकूल हो। अगर ऐसा नहीं किया तो कंपनी को वाहन की पूरी कीमत करीब 20.5 लाख रुपए और अन्य खर्च भी लौटाने होंगे।
ई-20 से कार खराब होने पर कस्टमर को मुआवजा देने का यह देश का पहला मामला है। इस पर मारुति सुजुकी ने कहा कि वह इस आदेश को चुनौती देगी।
कंपनी का कहना है कि ग्राहक की कार पहले से ही E20 ईंधन के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त थी इसलिए आयोग का आदेश तथ्यों के अनुरूप नही है।
सरकारी लैब की रिपोर्ट से मामला साफ हुआ
पेट्रोल के नमूनो की जांच एसजीएस लैब में कराई गई। रिपोर्ट मे ईंधन मे एथेनॉल की मौजूदगी की पृष्टि हुई। जांच में पाया गया कि पेट्रोल के निचले हिस्से मे सफेद परत के रूप में ईथेनॉल अलग होकर जमा था।
रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन E20 श्रेणी का था, लेकिन एथेनॉल के अलग होने से उसकी प्रभावी मात्रा केवल 6 से 7 प्रतिशत रह गई थी। आयोग ने माना कि गाड़ी का इंजन E20 ईंधन के अनुरूप नही था, फिर भी उपभोक्ता को ऐसी कार बेची
इथेनॉल कैसे बनता है।
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