Mr. and Mrs. Parshuram । 18th Aug Written Update । शालिनी कर देंगी शीतल का एनकाउंटर । करण कुलकर्णी को होंगी जेल

Aug 18, 2026 - 13:54
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Mr. and Mrs. Parshuram । 18th Aug Written Update । शालिनी कर देंगी शीतल का एनकाउंटर । करण कुलकर्णी को होंगी जेल

Mr. and Mrs. Parshuram । 18th Aug Written Update । शालिनी कर देंगी शीतल का एनकाउंटर । करण कुलकर्णी को होंगी जेल

तो दोस्तों स्टार प्लस पर आने वाली ड्रामा से भरपूर टीवी सीरियल अनुपमा के आज के एपिसोड में काफी ट्विस्ट एंड अपडेट आने वाले हैं तो एपिसोड की शुरुआत में आपको देखने मिलेगा भार्गवी कुलकर्णी, शिव प्रसाद के कहने पर करण कुलकर्णी को फोन करके स्कूल बुलाती है। भार्गवी की आवाज़ में घबराहट सुनकर करण थोड़ा परेशान हो जाता है। वह कबीर से कहता है, “तुम्हारी मामा किसी मुसीबत में हैं। उनका स्कूल से फोन आया था और हमें स्कूल बुलाया गया है। शायद वह रो भी रही थीं।” यह सुनते ही करण, कबीर और आराध्या तुरंत स्कूल पहुँच जाते हैं।

स्कूल पहुँचने के बाद भार्गवी, कबीर और आराध्या के सामने देखकर भावुक हो जाती है। वह उनसे कहती है, “बेटा… मुझे माफ कर दो। मैं एक अच्छी माँ नहीं बन पाई। मैं तुम्हें नहीं बचा पाऊँगी।”

भार्गवी की ये बातें सुनकर सभी लोग परेशान हो जाते हैं। करण घबराकर पूछता है, “आखिर हुआ क्या है? तुम ऐसा क्यों कह रही हैं?”

तभी शिव प्रसाद उनके सामने आता है और कहता है, “आप दोनों को गिरफ्तार किया जाता है।”

इसके बाद शिव प्रसाद अपनी असली पहचान बताते हुए कहता है, “मैं ही हूँ परशुराम… स्पेशल ब्रांच का अंडरकवर ऑफिसर।”

यह सुनकर कबीर और करण दोनों के होश उड़ जाते हैं। तभी माया और सौरव दोनों को गिरफ्तार करके वहाँ से ले जाने लगते हैं।

लेकिन रास्ते में कबीर भागने की कोशिश करता है। उसे भागता देखकर शिव प्रसाद उसे रोकने के लिए उसके पैर में गोली मार देता है। कबीर जमीन पर गिर जाता है। यह देखकर आराध्या जोर-जोर से रोने लगती है, जबकि करण पूरी तरह डर जाता है।

दूसरी तरफ शीतल एयरपोर्ट जाने के लिए ऑटो में बैठकर निकल रही होती है। रास्ते में ऑटो ड्राइवर अचानक गलत रास्ते पर ले जाता है और शीतल को बंदूक दिखाकर ऑटो से नीचे उतार देता है। शीतल बुरी तरह डर जाती है।

इसी बीच कुछ ऑफिसर भी शीतल का पीछा कर रहे होते हैं। शीतल उनसे बचने के लिए भागने लगती है, लेकिन तभी सामने शालिनी कार लेकर पहुँच जाती है।

शालिनी को सामने देखकर शीतल घबरा जाती है। शालिनी के हाथ में बंदूक देखकर शीतल अपनी जान की भीख माँगने लगती है। लेकिन तभी शालिनी उसे वहाँ से भागने का मौका देती है।शीतल जैसे ही वहाँ से भागती है, शालिनी उस पर गोली चला देती है और शीतल की मौत हो जाती है।

इसके बाद शालिनी वहाँ मौजूद दूसरे ऑफिसरों से कहती है, “इसका इस दुनिया में कोई नहीं है। तुम इसका अंतिम संस्कार कर देना और डिपार्टमेंट में बता देना कि इंटेलिजेंस ऑफिसर शालिनी ने एक इंटरनेशनल क्रिमिनल को मार गिराया है।”

इसके बाद कहानी अस्पताल पहुँचती है, जहाँ परिवार के सभी लोग आपस में बातचीत कर रहे होते हैं। तभी एक नर्स वहाँ आती है और कहती है, “आपके बेटे को डिस्चार्ज मिल गया है।”

यह सुनकर शालिनी और शिव प्रसाद एक-दूसरे की तरफ देखते हैं और सोच में पड़ जाते हैं।

तभी मल्हार दीक्षित शालिनी से कहते हैं, “बेटा, मैं तुम्हें एक बात बताना चाहता हूँ। प्लीज, दुखी मत होना। तुम्हारे अस्पताल का जो बाकी बिल था, वो मैंने भर दिया है। तुम मुझे मना मत करना। मैंने अपने नाते नातिन के लिए कभी कुछ नहीं किया… इसे मेरी तरफ से एक छोटी-सी गिफ्ट समझकर रख लेना।”

मल्हार दीक्षित की यह बात सुनकर शालिनी और शिव प्रसाद उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं और उनकी बात मान लेते है

इसके बाद सभी लोग अस्पताल से चले जाते हैं और कहानी एक नए मोड़ पर पहुँच जाती है।

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